उत्तराखंड के पूर्व सीएम कांग्रेसी पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि पार्टी से बड़ा कोई नहीं है। जिस दिन पार्टी को लगे कि वे बोझ बन रहे हैं, वे तुरंत घर बैठने का आदेश मान लेंगे। दिल्ली में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा से मुलाकात के बाद रावत ने एक बयान जारी किया। कुमाऊं परिक्षेत्र में धन्यवाद यात्रा पर हाईकमान ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। इस दौरान रावत ने पार्टी के प्रति अपनी मंशा साफ करते हुएए आलाकमान को एक सलाह भी दी है।
दिल्ली में प्रदेश प्रभारी से मुलाकात के दौरान हरीश रावत ने याद दिलाया कि साल 2002 और 2012 के कठिन दौर में भी वे पूरी निष्ठा से पार्टी के साथ खड़े रहे, जिसके एवज में पार्टी ने उन्हें केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री बनाया। लालकुआं और किच्छा के अपने दौरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज भी जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता उनकी हार पर आश्चर्य जताते हैं। रावत ने आरोप लगाया कि ढलती उम्र में भी भाजपा उन्हें अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी मानती है, इसीलिए उनके पीछे सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियां लगाई गई हैं, जबकि राज्य के बाकी पूर्व मुख्यमंत्रियों को तमाम सुविधाएं दी जा रही हैं। अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि वे उस समझ से ऊपर उठ चुके हैं, जहां किसी से प्रतिस्पर्धा करें। वे राजनीति में सबके लिए एक पूरक हैं और पार्टी हित में अपनी भूमिका निभाने के लिए हमेशा तैयार हैं, बशर्ते पार्टी नेतृत्व उनके उपयोग का सही निर्णय ले।
