दून अस्पताल में दो गंभीर मरीजों को दिया जीवनदान

देहरादून: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के ईएनटी ) विभाग के चिकित्सकों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अति गंभीर मरीजों का सफल उपचार कर उनकी जान बचाई है।
पहली घटना में, खेलते समय एक 6 वर्षीय बच्चे ने दुपट्टे के बॉर्डर पर लगा सजावटी प्लास्टिक का टुकड़ा मुंह में डाल लिया था, जो उसकी श्वास नली में फंस गया। अचानक तेज खांसी और सांस लेने में भारी तकलीफ होने पर परिजन तुरंत बच्चे को दून अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जूनियर रेजिडेंट डॉ. प्रियंका पाण्डेय और डॉ. गीतांजली ने सीनियर रेजिडेंट डॉ. आशना पंत को सूचित किया। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हिमानी शर्मा के निर्देश पर बच्चे को तत्काल ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया गया। रात करीब 8 बजे ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग के सहयोग से ब्रोंकोस्कोपी (Bronchoscopy) कर बच्चे की श्वास नली से प्लास्टिक का टुकड़ा सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इस ऑपरेशन के तुरंत बाद टीम के सामने एक और गंभीर मामला आया। घरेलू विवाद के दौरान 35 वर्षीय विवाहित महिला रोशन के गले पर कांच के टुकड़े से गहरा घाव हो गया था, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। चिकित्सकों ने बिना समय गंवाए महिला को ऑपरेशन थिएटर में लिया। मरीज को रक्त चढ़ाने के साथ ही गले के गहरे घाव का सफल सर्जिकल रिपेयर कर उसकी स्थिति को खतरे से बाहर निकाला गया।

उपचार करने वाली चिकित्सकों की टीम:
ईएनटी टीम: एमएस एवं विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. रवींद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शीबा राणा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हिमानी शर्मा, सीनियर रेजिडेंट डॉ. आशना पंत, डॉ. अनुराग सिंह , डॉ. गीतांजली और डॉ. प्रियंका पाण्डेय *एनेस्थीसिया टीम से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निधि गुप्ता, डॉ. मेघा कँवल और डॉ. ज्योति माथुर