एचएमआईएस को एबीडीएम से जोड़ने के निर्देश, एचपीआर और एचएफआर भी जरूरी
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के प्रशिक्षण में अस्पतालों को दिए गए अहम निर्देश
देहरादून। आयुष्मान योजना से जुड़े निजी अस्पतालों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को अब हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) को अनिवार्य रूप से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) से जोड़ना होगा।
इसके साथ ही सभी अस्पतालों में हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) बनाना अनिवार्य कर दिया गया है तथा हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) को शत-प्रतिशत पूर्ण करने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि इस डिजिटल व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित बनाना है, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार हो सके।
कार्यक्रम में बताया गया कि एचएमआईएस को एबीडीएम से जोड़ने के बाद अस्पतालों का पूरा रिकॉर्ड, मरीजों की जानकारी और उपचार से जुड़ी सेवाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। इससे न केवल कागजी कार्यवाही कम होगी, बल्कि निगरानी और प्रबंधन भी अधिक आसान हो जाएगा।
प्रशिक्षण में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल प्रतिनिधियों को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर एचपीआर और एचएफआर की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी करें।
कार्यक्रम में चार दर्जन से अधिक निजी सूचीबद्ध अस्पतालों ने प्राधिकरण सभागार में पहुंचकर प्रतिभाग किया, जबकि कई अस्पताल वर्चुअल माध्यम से भी जुड़े। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निदेशक प्रशासन डॉ. डीपी जोशी और निदेशक क्लेम डॉ. सरोज नैथानी ने कहा कि सभी अस्पतालों को तय मानकों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई है, ताकि अस्पतालों को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो।
कार्यक्रम में एबीडीएम प्रबंधक प्रज्ञा पालीवाल ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से अस्पतालों को डिजिटल प्रणाली के उपयोग, पंजीकरण प्रक्रिया और इसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी अस्पतालों ने कई तकनीकी प्रश्न भी उठाए, जिनका समाधान मौके पर विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
