यूसीएफ ने किसानों से मंडवा 14093 कुंतल, झंगोरा 231 कुंतल, चौलाई 126 कुंतल , सोयाबीन 17 कुंतल खरीदा …
उत्तराखंड राज्य मिलेट्स वर्ष 2023 पर खरा उतरने का कर रहा प्रयास
देहरादून। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किए गए प्रयासों से इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित हुआ है। इन प्रयासों को पंख देने के लिए उत्तराखंड सहकारिता विभाग पर्वतीय क्षेत्रों के गांव , गांव में जमीनी स्तर पर काम कर रहा है।
उत्तराखंड सहकारिता विभाग की शीर्ष संस्था उत्तराखंड सहकारी संघ (यूसीएफ ) राज्य के किसानों के उत्पाद खरीद करने वाली सबसे बड़ी नोडल एजेंसी है।
राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कई बार मिलेट्स योजना की समीक्षा बैठक में अफसरों को निर्देश दिए हैं कि किसानों से पर्वतीय उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा यूसीएफ खरीदें और उन्हें उनके आंगन में ही उचित मूल्य दें। जिससे किसानों की आमदनी भी दोगुनी होगी और 2023 मिलेट्स वर्ष का उत्तराखंड सपना पूरा करेगा।
दरअसल उत्तराखंड सहकारिता विभाग का गांव-गांव और न्याय पंचायत स्तर पर सहकारी समितियों का मजबूत ढांचा और नेटवर्क है। यूसीएफ, एमपैक्स के माध्यम से किसानों के उत्पादों की खरीद करता है। सहकारिता विभाग के अधीन यूसीएफ भी है और 670 बहुद्देशीय सहकारी समितियां भी। इसलिए यह काम एक मजबूत सहकार विचार के भरोसे पूरा किया जा रहा है।
कोऑपरेटिव मिनिस्टर डॉ रावत निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड सहकारी संघ के चेयरमैन श्री मातबर सिंह रावत और प्रबंध निदेशक रामिन्द्री मंद्रवाल ने अपने अधिकारी, कर्मचारियों को उत्तराखंड सहकारी समिति के माध्यम से मंडवा, झंगोरा, सोयाबीन, चौलाई, खरीदने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड सहकारी संघ के चेयरमैन श्री मातबर सिंह रावत ने बताया कि, 1 नवम्बर से 31 जनवरी 23 तक उत्तराखंड सहकारी संघ ने पौड़ी, बागेश्वर, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी , चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा , रुद्रप्रयाग जनपदों से कुल 14093 कुंतल मंडवा खरीदा है। जिसमें सर्वाधिक चमोली जनपद से 4008 कुंतल खरीदा गया है। चेयरमैन श्री रावत ने बताया कि, उत्तराखंड सहकारी संघ ने किसानों को मंडवा के प्रति कुंतल 3578 रुपये के हिसाब से कुल 5 करोड़ 4 लाख 25 हज़ार 365 रुपये का भुगतान किया है। इसी तरह 231 कुंतल झंगोरा प्रति किलो रु 27, में खरीदा गया। रु 625342 किसानो का भुगतान किया गया हैं। तथा सोयाबीन 17 कुंतल प्रति 40 रुपये में खरीदा गया। सोयाबीन का 69420 रुपये किसानों को भुगतान किया गया हैं। 126 कुंतल चौलाई प्रति किलो 50 रुपये के हिसाब से 631865 रुपये में उत्तराखंड सहकारी संघ ने किसानों को उचित मूल्य देकर खरीदा है। श्री रावत ने बताया है कि पर्वतीय जनपदों से पहाड़ी उत्पादों की खरीद का कार्य यूसीएफ का जारी है।
गौरतलब है कि, उत्तराखंड सहकारी संघ पर्वतीय किसानों से पहाड़ी उत्पादों को खरीद रहा है और देश के प्रवासियों को मार्केट उपलब्ध करा रहा है।
उत्तराखंड सहकारी संघ की प्रबंध निदेशक रामिन्द्री मंद्रवाल ने बताया कि , नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास और उत्तराखंड भवन में पहाड़ी उत्पादों का भोजन बनाया जाता है। जिसे लोग खूब पसंद करते हैं। नई दिल्ली समेत महानगरों में पहाड़ी उत्पादों की पिछले कुछ वर्षों से डिमांड बढ़ी है। जिस डिमांड को यूसीएफ पूरा कर रहा है।

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