जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने एक स्कूल में घुसकर शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी। बीते 20 दिन में यह दूसरा मामला है जब हिंदू परिवार को निशाना बनाया गया है।
12 मई को कश्मीरी पंडित राहुल भट की भी आतंकियों ने उनके तहसील स्थित दफ्तर में घुसकर हत्या कर दी थी। शिक्षिका की हत्या के बाद घाटी में तैनात कश्मीरी पंडित समुदाय के कर्मचारियों ने कहा कि अगर उन्हें अगले 24 घंटे के भीतर सुरक्षित स्थानों पर नहीं भेजा गया तो वे बड़े पैमाने पर घाटी से पलायन करने को मजबूर होंगे। कई जगह लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किए और सरकार से सुरक्षा की मांग की। पुलिस ने बताया कि वारदात के समय शिक्षिका रजनी बाला गोपालपुरा के अपने स्कूल में काम कर रही थीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया पर बचाया नहीं जा सका।
पुलिस प्रवक्ता ने कहा, इस घिनौने कृत्य में शामिल लोगों की जल्द ही पहचान कर उनका सफाया कर दिया जाएगा। हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई है। इस महीने लक्षित कर हत्या किये जाने की यह सातवीं घटना है।
श्रीनगर, एजेंसी। कुलगाम जिल में हिंदू शिक्षिका रजनी बाला की स्कूल में घुसकर हत्या के बाद मंगलवार को घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडितों को गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर घाटी के सरकारी दफ्तरों में काम कर रहे कश्मीरी पंड़ितों ने श्रीनगर के लाल चौक पर जमा होकर अपने आक्रोश का इजहार किया। सोनवार क्षेत्र में भी प्रदर्शनकारियों ने हत्या का विरोध जताया और घाटी में काम कर रहे अल्पसंख्यक कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग की। इसमें ज्यादातर संख्या में महिला कर्मचारी शामिल थीं। दक्षिण कश्मीर के काझीगुंड में सरकारी दफ्तरों में काम कर रहे कश्मीरी पंडितों ने जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर सुरंग से यातायात को ठप कर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उप राज्यपाल से अल्पसंख्यकों को सुरक्षा की मांग की।
सामूहिक पलायन की चेतावनी : श्रीनगर प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी पंडितों ने मंगलवार को सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि घाटी में हो रही निर्दोषों की हत्या रोकने के लिए 24 घंटे के भीतर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वह कश्मीर घाटी से सामूहिक पलायन कर जाएंगे।
