सहकारिता, मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि, किसानों को जीरो प्रतिशत ऋण वितरण के लिए जल्द प्रदेश में मेले लगाये जाएंगे। सहकारी समितियों के पैक्स और बैंकों द्वारा दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना में सामान्य लघु एवं सीमान्त तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले कृषकों/ अकृषकों को कर्षि एवं कृषियेत्तर कार्यों हेतु व्यक्तिगत रूप से रू0 1.00 लाख एवं रू0 3.00 •लाख तथा स्वयं सहायता समूहों को रू0 5.00 लाख तक ब्याज रहित ऋण की सुविधा प्रदान की गई। जिससे
राज्य के ग्रामीण किसानों की उन्नति हुई है
आज सोमवार को मियांवाला देहरादून स्थित सहकारी निबंधक मुख्यालय सभागार में शाम 6 से 8 बजे तक हुई समीक्षा बैठक में डॉ रावत ने कहा कि, दीन दयाल उपाध्याय किसान कृषि ऋण योजना योजना के अंतर्गत 6.40 लाख लाभार्थियों वह 2837 स्वयं सहायता समूह को 3630 करोड़ रुपए का ब्याज रहित ऋण वितरण किया गया। किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से यह सरकार का बहुत बड़ा काम है। राज्य सरकार पूरे प्रदेश में इस तरह के ऋण मेले आयोजित करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायको से टाइम लेकर इन ऋण मेलों को उनके विधानसभा क्षेत्र में लगाये। ताकि किसानो को मदद मिल सकें।
सहकारिता मंत्री डॉ रावत ने राज्य एवं जिला सहकारी बैंक में निक्षेप एवं वित्तीय वर्ष 2021-22 की समाप्ति पर लाभ / हानि की प्रगति / समीक्षा सी०बी०एस० स्वीच माइग्रेशन एवं डाटा सेन्टर की प्रगति के बारे में जानकारी ली गई।
राज्य सहकारी बैंक के एमडी श्री नीरज बेलवाल ने बताया कि, बैंक एवं समितियों में एन०पी०ए० एवं वसूली की जा रही है। अल्मोड़ा डीसीबी ने 17 लाख 41 हज़ार एनपीए वसूला, जबकि ऊधम सिंह नगर डीसीबी ने 5 करोड़ 44 लाख रुपये एनपीए वसूले गए।
मंत्री डॉ रावत ने उत्तराखंड सहकारी संघ की एमडी को निर्देश दिए कि, उर्वरक स्टॉक का
15 दिन के भीतर बुलेटिन दें। एमडी रामिन्द्री मंद्रवाल द्वारा बताया गया कि, उर्वरक का
राज्य में पूरा स्टॉक है। किसी किस्म की दिक्कतें नहीं है। वह हर दिन उधमसिंहनगर और हरिद्वार जिलों से उर्वरक की फीड बैक लेती हैं।
एमपैक्स कम्प्यूट्रीकरण की प्रगति समीक्षा में सचिव डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि
पिछले सप्ताह भारत सरकार के सचिव सहकारिता के साथ मीटिंग में यह निष्कर्ष निकला कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन में तेलंगाना से आगे उत्तराखंड राज्य है। उन्होंने कहा कि सभी एम पैक्स का जल्दी शत प्रतिशत कंप्यूटराइजेशन किया जाएगा। सहकारिता मंत्री डॉ रावत ने मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना, सौर स्वरोजगार योजना मोटर साइकिल टैक्सी योजना की प्रगति, कैडर सचिवों की नियमावली की प्रगति एवं प्रत्येक विकासखण्ड एवं तहसील स्तर पर तैनात कार्मिकों की स्थिति की समीक्षा, सहकारिता विभाग का संशोधित विभागीय ढांचा तथा राज्य समेकित परियोजना के अंतर्गत सहकारिता विभाग द्वारा संचालित परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
