लालढांग से बारात लेकर बीरोंखाल ब्लॉक के कांडा तल्ला के लिए मंगलवार को निकली बस मंजिल तक पहुंचने से कुछ दूर पहले ही अनियंत्रित होकर गहरी खाई में समा गई।
विडंबना देखिए कि आसपास के लोग हादसे के तत्काल बाद मौके पर पहुंच गए लेकिन संसाधन के अभाव में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं किया जा सका। जिस कारण हादसे में घायल हुए बाराती पूरी रात दर्द से रोते-कराहते खाई में ही रात बिताने को मजबूर हो गए। बस गिरने के बाद इधर-उधर छिटके लोगों को तो किसी तरह ग्रामीणों ने बाहर निकाल लिया लेकिन बस के साथ गहरी खाई में गए लोग रेस्क्यू नहीं किये जा सके।
रेस्क्यू अभियान में शामिल जनार्दन जोशी, पंकज आदि ने कहा कि घायलों को बाहर निकालने के लिए काफी देर तक एसडीआरएफ का इंतजार करना पड़ा। वरना घायलों को बचाया जा सकता था।
बीरोंखाल ब्लॉक के ग्राम सिमड़ी के निकट हुई बस दुर्घटना के घायलों को उपचार के लिए यहां लाया गया, लेकिन उन्हें उपचार नहीं मिल सका। जिपं सदस्य विनोद डबराल ने कहा कि वे घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंच गए थे ।
