कांग्रेस के रस्किया हरक सिंह रावत के जैनी प्रकरण ने एक बार फिर उत्तराखंड में राजनीतिक पारे को चढ़ा दिया है। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि जैनी का ये जिन्न खुद कांग्रेसियों की आपसी गुटबाजी की कलह है। कांग्रेस के ही एक धड़े ने हरकू को कमजोर करने के लिए ये ताना बाना बुना है। हरक सिंह रावत कांग्रेस पार्टी में हमेशा से रस्किया रहे हैं। उनके इतने किस्से हैं जिनकी गिनती थमती नहीं। 2002 के जैनी कांड का जिन्न फिर बाहर है। दीप्ति रावत द्वारा उठाए गए सवालों के बाद भले आनंद ने कुछ बातें डिफेंड करने को लेकर कही। लेकिन जैनी के मामले में कूदने के बाद ये साफ हो रहा है कि प्रकरण में कांग्रेसियों की भी अंदरूनी अनबन है। सूत्रों का कहना है कि हरकू का काम लगाने के लिए ही कांग्रेस के अंदर से ही जैनी का ये पुराना प्रकरण हवाओं में है।
