आस्था के नाम पर समाज को बांटने और व्यक्ति की धार्मिक स्वतंत्रता पर पहरेदारी करने की कोशिशों का एक और मामला सामने आया है। बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ धाम में पूजा-अर्चना करने पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने आपत्ति जताई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सारा के खिलाफ फतवा जारी करते हुए उन्हें शरीयत की नजर में गुनहगार बताया है। मौलाना ने अभिनेत्री को अपने कृत्य पर तौबा करने और अल्लाह से माफी मांगने की नसीहत दी है। उनका कहना है कि इस्लाम में दूसरे धर्म की पूजा-पद्धति अपनाना और मंदिर में पूजा-अर्चना करना जायज नहीं, बल्कि हराम है। मौलाना ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। उनका कहना है कि कई मुस्लिम युवाओं ने उनसे सवाल किया था कि सारा अली खान का केदारनाथ मंदिर में जाकर पूजा करना शरीयत के मुताबिक सही है या नहीं। इसी के जवाब में उन्होंने यह फतवा जारी किया। दरअसल, सारा अली खान 25 अक्टूबर को हेलिकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंची थीं। बताया गया कि वह वहां तीन दिन तक रहीं। इस दौरान उन्होंने बाबा केदार के दर्शन के साथ पूजा-अर्चना और आरती में भी भाग लिया। बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच वह आम श्रद्धालुओं की तरह कतार में खड़ी नजर आईं। करीब आधे घंटे तक अपनी बारी का इंतजार किया। इस दौरान ठंड से ठिठुरती सारा को देखकर कतार में खड़ी कुछ महिलाओं ने उन्हें शॉल देने की पेशकश भी की। खास बात यह रही कि महिलाएं उन्हें पहचान नहीं पाईं। सारा ने बाबा केदार के रक्षक माने जाने वाले बाबा भुकुंट भैरव के भी दर्शन किए। उनकी इस यात्रा के बाद अब धार्मिक मान्यताओं के नाम पर उन्हें निशाना बनाए जाने का मामला चर्चा में है।
