चकराता विधान सभा क्षेत्र के दौरे पर जा रहे नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने प्रदेश सरकार पर आपदा से निपटने में पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृतक के परिवार को दस लाख की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जानी चाहिए। बुधवार को रसूलपुर में मीडिया से रूबरू होते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दो दिनों की बारिश से प्रदेश में दैवीय आपदा की स्थिति पैदा हो गई है। मौसम विभाग की ओर से अलर्ट जारी होने के बावजूद प्रदेश सरकार का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह से विफल साबित हुआ है। जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ा। कहा कि आपदा से पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार को विशेष पैकेज देना चाहिए, जिससे जानमाल की क्षति का उचित मुआवजा मिल सके। कहा कि भारी बारिश का अलर्ट जारी होने के बावजूद सहकारी समितियों ने मंडी में रखी किसानों की धान नहीं खरीदी, जिससे अधिकांश धान बर्बाद हो गया है। किसानों को उनकी उपज का भी उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने मृतकों के परिजनों और जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, उन्हें दस लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की मांग की है। ऊर्जा मंत्री हरक सिंह से हुई मुलाकात पर उन्होंने कहा कि वह अपने क्षेत्र की समस्या को लेकर उनसे मिलने गए थे। उन्होंने भाजपा को डूबता जहाज और प्रदेश सरकार को रोलबैक की सरकार करार देते हुए कहा कि अब तक के कार्यकाल में सरकार अपने ही फैसलों की समीक्षा करने और पलटने में लगी है। गैरसैण कमिश्नरी से लेकर भू कानून, देवस्थानम बोर्ड के गठन को लेकर सरकार के पास कोई स्पष्ट सोच नहीं हैं।
जबकि कांग्रेस ने शुरू से ही देवस्थानम बोर्ड का विरोध किया है। अब भाजपा के राज्य सभा सांसद भी इसे भंग करने की बात कह रहे हैं। इससे साफ जाहिर है कि भाजपा सरकार में सोच समझ कर निर्णय लेने की क्षमता नहीं है। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय किशोर महेंद्रू, शहर अध्यक्ष शम्मी प्रकाश, प्रदेश सचिव प्रेम प्रकाश अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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